उत्तर प्रदेश में शिक्षा की नई अलख: सीएम योगी ने वाराणसी से किया ‘स्कूल चलो अभियान 2026’ का शंखनाद 📚✨
प्रस्तावना: उत्तर प्रदेश की धरती पर आज एक बार फिर से ज्ञान का सूरज उग रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी की पावन धरा से 4 अप्रैल 2026 को ‘स्कूल चलो अभियान’ के नए चरण की शुरुआत कर दी है। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन लाखों बच्चों के सपनों को पंख देने की एक कोशिश है, जो किन्हीं कारणों से स्कूल की दहलीज से दूर रह गए थे।
1. वाराणसी से ही शुरुआत क्यों? 🚩
वाराणसी को दुनिया की सबसे पुरानी जीवंत नगरी और ‘विद्या की राजधानी’ कहा जाता है। सीएम योगी ने यहाँ से अभियान शुरू करके यह संदेश दिया है कि आधुनिक उत्तर प्रदेश की नींव प्राचीन संस्कारों और सशक्त शिक्षा पर टिकी होगी। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने न सिर्फ बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया, बल्कि अभिभावकों को यह भरोसा भी दिलाया कि उनके बच्चों की शिक्षा का जिम्मा अब सरकार का है।
2. ‘स्कूल चलो अभियान’ का मुख्य उद्देश्य 🎯
इस अभियान का सबसे बड़ा लक्ष्य ‘शत-प्रतिशत नामांकन’ (100% Enrollment) सुनिश्चित करना है। सरकार का ध्यान विशेष रूप से उन बच्चों पर है जो:
- 6 से 14 वर्ष की आयु के हैं और कभी स्कूल नहीं गए।
- बीच में ही पढ़ाई छोड़ चुके हैं (Drop-out students)।
- ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों या अन्य मजदूरी वाले क्षेत्रों में रह रहे हैं।
सरकार का मानना है कि जब तक हर बच्चा स्कूल नहीं जाएगा, तब तक ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की कल्पना अधूरी है।
3. बच्चों के लिए खुशियों की पोटली: फ्री मिलने वाली सुविधाएं 🎁
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार केवल नामांकन पर ही जोर नहीं दिया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि आर्थिक तंगी किसी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। अभियान के तहत छात्रों को निम्नलिखित सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त दी जा रही हैं:
💰 सीधे बैंक खाते में पैसा (DBT)
भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सरकार अब यूनिफॉर्म और जूतों के पैसे सीधे अभिभावकों के खातों में भेज रही है। प्रति छात्र लगभग 1200 रुपये की राशि दी जा रही है ताकि वे अपनी पसंद और साइज के अनुसार सामान खरीद सकें।
🎒 स्कूल बैग और स्टेशनरी
बच्चों को नए और मजबूत स्कूल बैग, कॉपी-किताबें और पेंसिल बॉक्स दिए जा रहे हैं। जब बच्चा नए बस्ते के साथ स्कूल जाता है, तो उसका उत्साह दोगुना हो जाता है। 🎒✏️

👟 जूते, मोजे और स्वेटर
बदलते मौसम की मार बच्चों की पढ़ाई पर न पड़े, इसके लिए सरकार गुणवत्तापूर्ण जूते, मोजे और सर्दियों के लिए स्वेटर का वितरण भी मुफ्त कर रही है।
🍱 मिड-डे मील और स्वास्थ्य जांच
स्कूलों में पौष्टिक भोजन के साथ-साथ अब समय-समय पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच भी की जाएगी। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है, और सरकार इसी सिद्धांत पर काम कर रही है। 🍎🩺
4. ऑपरेशन कायाकल्प: बदल रही है स्कूलों की सूरत 🏫
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की छवि पूरी तरह बदल गई है। ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं:
- स्मार्ट क्लास: अब बच्चे केवल ब्लैकबोर्ड पर नहीं, बल्कि डिजिटल स्क्रीन पर एनिमेशन के जरिए कठिन विषयों को समझ रहे हैं। 💻
- बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर: स्कूलों में टाइल्स वाले फर्श, साफ शौचालय, पीने का शुद्ध पानी और खेलने के लिए सुंदर मैदान तैयार किए गए हैं।
- पुस्तकालय: बच्चों में पढ़ने की आदत डालने के लिए हर स्कूल में छोटी लाइब्रेरी बनाई जा रही है।
5. शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका 🤝
सीएम योगी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल सरकारी अधिकारियों के भरोसे सफल नहीं हो सकता। इसमें शिक्षकों को ‘शिक्षक धर्म’ निभाना होगा और घर-घर जाकर सर्वे करना होगा।
अभिभावकों के लिए संदेश: 📢 अपने बच्चों को काम पर भेजने के बजाय स्कूल भेजें। आज की शिक्षा ही कल की गरीबी दूर करने का सबसे बड़ा हथियार है। सरकार आपके साथ खड़ी है, बस आपको एक कदम बढ़ाने की जरूरत है।
6. तकनीक का समावेश: ‘शारदा’ और ‘समर्थ’ ऐप 📱
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार तकनीक का भरपूर उपयोग कर रही है। ‘शारदा’ (SHARDA) पोर्टल के जरिए ड्रॉपआउट बच्चों की ट्रैकिंग की जा रही है, जबकि ‘समर्थ’ (SAMARTH) ऐप के माध्यम से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा की निगरानी की जा रही है। इसका मतलब है कि कोई भी बच्चा अब सिस्टम की नजरों से ओझल नहीं रह पाएगा।
7. निष्कर्ष: एक बेहतर भविष्य की ओर कदम 🌅
वाराणसी से शुरू हुआ यह ‘स्कूल चलो अभियान’ केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति है। जब उत्तर प्रदेश का हर बच्चा शिक्षित होगा, तभी राज्य में अपराध कम होंगे, रोजगार बढ़ेगा और खुशहाली आएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक वरदान साबित होगी।
आइए, हम सब मिलकर इस अभियान का हिस्सा बनें। यदि आपके पड़ोस में कोई बच्चा स्कूल नहीं जा रहा है, तो उसे नजदीकी सरकारी स्कूल में दाखिल कराने में मदद करें। आपकी एक छोटी सी कोशिश किसी का पूरा जीवन बदल सकती है! ❤️