गन्ना किसानों से लोडिंग शुल्क लेने पर योगी सरकार सख्त 🚨 अब चीनी मिलों पर होगी कड़ी कार्रवाई
यूपी में गन्ना किसानों के हितों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर कोई चीनी मिल या गन्ना क्रय केंद्र किसानों से लोडिंग या अनलोडिंग शुल्क वसूलता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 🧑🌾⚖️
कई जिलों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गन्ना किसानों से जबरन लोडिंग के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं।
सरकार ने इसे किसानों का शोषण मानते हुए सख्त रुख अपनाया है।
📌 क्या है पूरा मामला?
दरअसल, गन्ना किसानों को जब अपनी फसल चीनी मिलों तक पहुंचानी होती है, तो वहां गन्ना तौलने, उतारने और लोडिंग के दौरान कुछ मिलों में
अवैध रूप से शुल्क वसूला जा रहा था।
यह वसूली न तो किसी नियम में है और न ही सरकार की अनुमति से।
किसानों ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन और गन्ना विभाग से शिकायत की।
इसके बाद योगी सरकार हरकत में आई और पूरे प्रदेश में सख्त निर्देश जारी किए गए। 🚨
🧑🌾 किसानों से कौन-सा शुल्क लेना है गैरकानूनी?
सरकार ने साफ कहा है कि:
- ✔ गन्ना लोडिंग शुल्क
- ✔ अनलोडिंग चार्ज
- ✔ पर्ची के नाम पर पैसा
- ✔ तौल में गड़बड़ी के बदले रकम
इनमें से किसी भी तरह की वसूली पूरी तरह अवैध है और ऐसा करने वाली मिलें सीधे कार्रवाई के दायरे में आएंगी। ❌
⚖️ योगी सरकार ने क्या निर्देश दिए?
योगी सरकार ने गन्ना आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- 👉 सभी चीनी मिलों और क्रय केंद्रों की नियमित जांच की जाए
- 👉 किसानों से कोई भी अतिरिक्त पैसा न लिया जाए
- 👉 दोषी पाए जाने पर मिल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई हो
- 👉 जरूरत पड़ी तो लाइसेंस और भुगतान पर भी रोक लगे
सरकार का कहना है कि किसानों की मेहनत की कमाई पर किसी का हक नहीं है। 💪🌾
🚔 किन अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी?
इस पूरे मामले में:
- 🔹 जिला गन्ना अधिकारी
- 🔹 उप गन्ना आयुक्त
- 🔹 सहायक गन्ना आयुक्त
को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखें और
शिकायत मिलते ही तुरंत एक्शन लें।
📢 किसानों को क्या फायदा होगा?

इस फैसले से गन्ना किसानों को कई बड़े फायदे मिलने वाले हैं:
- ✅ अब जेब से अतिरिक्त पैसा नहीं देना पड़ेगा
- ✅ गन्ना बेचने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी
- ✅ शोषण और दबाव खत्म होगा
- ✅ समय पर भुगतान मिलने की संभावना बढ़ेगी
किसानों का कहना है कि यह फैसला जमीन पर सही तरीके से लागू हुआ तो उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। 😊
🌾 उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की अहम भूमिका
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है।
यहां लाखों किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं।
ऐसे में अगर उनसे छोटे-छोटे शुल्क के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं,
तो यह उनकी आय पर सीधा असर डालता है।
योगी सरकार पहले भी गन्ना भुगतान, बकाया और MSP जैसे मुद्दों पर सख्ती दिखा चुकी है।
📞 अगर किसान से वसूली हो तो क्या करें?
सरकार ने किसानों से अपील की है कि:
- 📌 अगर कोई मिल लोडिंग शुल्क मांगे
- 📌 तौल में गड़बड़ी करे
- 📌 दबाव या धमकी दे
तो तुरंत जिला गन्ना अधिकारी या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
सरकार शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने का भी आश्वासन दे रही है। 🔐
🗣️ सरकार का साफ संदेश
योगी सरकार का साफ कहना है कि:
“किसानों का शोषण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।”
यह फैसला बताता है कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और
उनके हक की एक-एक पाई की रक्षा करेगी। 🌾🙏
🔎 निष्कर्ष
यूपी में गन्ना किसानों से लोडिंग शुल्क वसूली को लेकर योगी सरकार का यह कदम
किसानों के लिए राहत भरा है।
अब देखना यह होगा कि यह आदेश जमीनी स्तर पर कितनी सख्ती से लागू होता है।
अगर प्रशासन सक्रिय रहा तो गन्ना किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। ✅
अगर आप किसान हैं या किसान परिवार से हैं, तो यह जानकारी जरूर साझा करें। 📢