रातों-रात बकरी चोरी, पिकअप से हो रही थी तस्करी! मऊ पुलिस ने ऐसे दबोचे दो शातिर आरोपी 🐐🚓
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक बार फिर बकरी चोरी की वारदात सामने आई है, जिसने ग्रामीण इलाकों में दहशत पैदा कर दी थी।
लेकिन इस बार चोर ज्यादा देर तक पुलिस से नहीं बच सके।
रामपुर थाना पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और चोरी में इस्तेमाल की जा रही पिकअप गाड़ी को भी सीज कर दिया।
🐐 गांवों में बढ़ रही बकरी चोरी की घटनाएं
पिछले कुछ समय से मऊ जिले के ग्रामीण इलाकों में बकरी चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं।
गरीब और मेहनतकश किसानों के लिए बकरी सिर्फ जानवर नहीं बल्कि रोजी-रोटी का साधन होती है।
ऐसे में जब रातों-रात बकरियां चोरी हो जाती हैं, तो परिवार पूरी तरह टूट जाता है।
ग्रामीणों ने कई बार पुलिस से शिकायत की थी कि कुछ लोग पिकअप वाहनों के जरिए बकरियों को चोरी कर दूसरे जिलों में बेच देते हैं।
इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछाया।
🚓 मुखबिर की सूचना ने खोली चोरी की पोल
9 जनवरी की रात पुलिस को एक पुख्ता मुखबिर सूचना मिली कि कुछ लोग चोरी की बकरियों को पिकअप वाहन में लादकर बेचने के लिए ले जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही रामपुर थाना पुलिस हरकत में आ गई।
पुलिस टीम ने नेमडाढ़ पुल के पास चेकिंग शुरू की।
कुछ देर बाद एक संदिग्ध पिकअप वाहन आता दिखाई दिया।
पुलिस ने जब उसे रोकने का इशारा किया, तो चालक घबरा गया।
🚨 पिकअप की तलाशी में निकली चोरी की बकरियां
वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए।
पिकअप में तीन बकरियां भरी हुई थीं, जिन्हें रस्सियों से बांधकर रखा गया था।
पूछताछ में आरोपी कोई भी वैध कागजात नहीं दिखा सके।
सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने बकरियां चोरी की होने की बात कबूल कर ली।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
👤 गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- अखिलेश उर्फ कमलसागर
- शाहिद, निवासी रसूलपुर आदमपुर
दोनों आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं, पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
🚔 पिकअप वाहन सीज, बकरियां सुरक्षित
पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की जा रही पिकअप गाड़ी को सीज कर दिया है।
साथ ही बरामद की गई बकरियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, ताकि उन्हें उनके असली मालिकों को सौंपा जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बकरी चोरी जैसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
⚖️ कानूनी कार्रवाई शुरू
दोनों आरोपियों के खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस चोरी के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
😟 ग्रामीणों में राहत, पुलिस पर बढ़ा भरोसा
इस गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
लोगों का कहना है कि लगातार हो रही चोरियों से वे रात में चैन से सो भी नहीं पा रहे थे।
अब पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।
ग्रामीणों ने पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर ऐसे ही सख्ती जारी रही, तो चोरी की घटनाएं खुद-ब-खुद कम हो जाएंगी।
🛑 बकरी चोरी क्यों बन रही है बड़ा अपराध?
बकरी चोरी को कई लोग छोटा अपराध समझते हैं, लेकिन ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इसका असर बहुत बड़ा होता है।
एक बकरी से परिवार की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा का खर्च चलता है।
इसी वजह से पुलिस अब ऐसे मामलों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखकर कार्रवाई कर रही है।
📢 पुलिस की अपील
मऊ पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
आपकी एक सूचना किसी बड़ी चोरी को रोक सकती है।
🔍 आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिले में चोरी और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
खासतौर पर रात के समय गश्त बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध वाहनों की जांच की जाएगी।
इस कार्रवाई से साफ है कि मऊ पुलिस अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह मुस्तैद है और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। 🚨