बांग्लादेश में फिर हिंदू युवक की हत्या 😡: पत्रकार राणा प्रताप को गोली मारकर मौत, 18 दिनों में पांचवां मामला
बांग्लादेश से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है।
देश के जेसोर (Jessore) जिले में हिंदू समुदाय से जुड़े पत्रकार राणा प्रताप की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।
यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले 18 दिनों में हिंदुओं पर हुआ यह पांचवां जानलेवा हमला बताया जा रहा है 😔।
📍 कहां और कैसे हुई वारदात?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना बांग्लादेश के जेसोर जिले के मणिरामपुर इलाके में हुई।
राणा प्रताप अपने घर के पास ही मौजूद थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार बदमाश वहां पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावरों ने पहले राणा प्रताप को बाहर बुलाया और फिर करीब से गोली मार दी।
गोली सीधे सिर में लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई 😢।
🖊️ कौन थे राणा प्रताप?

राणा प्रताप केवल एक आम नागरिक नहीं थे।
वे स्थानीय स्तर पर पत्रकारिता से जुड़े हुए थे और हिंदू समुदाय में उनकी अच्छी पहचान थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, राणा प्रताप अक्सर सामाजिक मुद्दों, अल्पसंख्यकों की समस्याओं और जमीनी सच्चाई को उजागर करते थे।
यही वजह है कि उनकी हत्या को सिर्फ आपराधिक घटना नहीं, बल्कि डर और दहशत फैलाने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है ⚠️।
🚨 18 दिनों में 5 हिंदुओं की हत्या, क्यों बढ़ रही है हिंसा?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह घटना अकेली नहीं है।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि पिछले 18 दिनों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के 5 लोगों की हत्या हो चुकी है।
इन मामलों में कहीं गोली मारी गई, कहीं धारदार हथियारों से हमला हुआ, तो कहीं घरों को निशाना बनाया गया।
इससे साफ है कि अल्पसंख्यक समुदाय में डर का माहौल लगातार गहराता जा रहा है 😟।
😔 स्थानीय हिंदुओं में डर और गुस्सा
राणा प्रताप की हत्या के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश है।
लोगों का कहना है कि वे अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
कई परिवारों ने रात में घर से निकलना बंद कर दिया है,
जबकि कुछ लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं।
एक स्थानीय निवासी ने कहा –
“आज राणा प्रताप को मारा गया है, कल कौन होगा… यह सोचकर ही रूह कांप जाती है।” 💔
👮 पुलिस और प्रशासन का क्या कहना है?

पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है,
लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
प्रशासन का कहना है कि हत्या के पीछे की वजह अभी साफ नहीं है,
लेकिन लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब लगातार घटनाएं हो रही हैं,
तो सुरक्षा व्यवस्था क्यों नाकाम साबित हो रही है?
🌍 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठ रहे सवाल
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नजर भी अब इस पर टिक गई है।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि
अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए,
तो हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं 😨।
🕯️ पत्रकार की हत्या, लोकतंत्र पर हमला?
राणा प्रताप एक पत्रकार थे।
ऐसे में उनकी हत्या को अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला भी माना जा रहा है।
पत्रकारों का काम सच दिखाना होता है,
लेकिन अगर सच बोलने की कीमत जान से चुकानी पड़े,
तो यह किसी भी देश के लिए खतरनाक संकेत है।
❓ क्या मिलेगा इंसाफ?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि
क्या राणा प्रताप के परिवार को इंसाफ मिलेगा?
क्या बांग्लादेश सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए
कोई ठोस कदम उठाएगी?
या फिर यह मामला भी
बाकी मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? 🤔
📢 आखिर में
बांग्लादेश में हिंदू युवक और पत्रकार राणा प्रताप की हत्या
सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं है,
बल्कि यह मानवता, सुरक्षा और लोकतंत्र पर बड़ा सवाल है।
जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती
और अल्पसंख्यकों को सुरक्षा का भरोसा नहीं दिया जाता,
तब तक ऐसे मामलों का डर खत्म नहीं होगा।
यह खबर हमें सोचने पर मजबूर करती है
कि धर्म के नाम पर हो रही हिंसा
आखिर कब थमेगी… 🕊️