
UPSC 2025: आजमगढ़ के भाई-बहन का कमाल! आदित्य ने पाई 154वीं रैंक, आयुषी भी बनी अफसर – पूरे जिले में जश्न
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करना लाखों युवाओं का सपना होता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गर्व से भर दिया है।
आजमगढ़ के बिलरियागंज क्षेत्र के शांतिपुर गांव के रहने वाले भाई-बहन आदित्य हृदय उपाध्याय और आयुषी उपाध्याय ने एक साथ UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
भाई-बहन दोनों ने हासिल की शानदार रैंक
UPSC 2025 के परिणाम में आदित्य हृदय उपाध्याय ने ऑल इंडिया रैंक 154 हासिल की है, जबकि उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने 361वीं रैंक प्राप्त की है। दोनों की इस सफलता ने आजमगढ़ का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है। 0
जब रिजल्ट आया तो परिवार में खुशी का माहौल बन गया। गांव के लोग मिठाई बांटकर दोनों की सफलता का जश्न मनाने लगे।
पिता वकील, मां शिक्षिका – घर से मिली शिक्षा की प्रेरणा
आदित्य और आयुषी के पिता सूर्यप्रकाश उपाध्याय लखनऊ हाईकोर्ट में वकालत करते हैं, जबकि उनकी मां प्रतिभा उपाध्याय एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं। पढ़ाई और अनुशासन का माहौल उन्हें बचपन से ही घर में मिला। 1
माता-पिता ने हमेशा बच्चों को मेहनत करने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। यही वजह है कि दोनों भाई-बहन आज देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर पाए।
आदित्य पहले से ही IRS अधिकारी
दिलचस्प बात यह है कि आदित्य हृदय उपाध्याय इससे पहले भी UPSC परीक्षा पास कर चुके हैं और फिलहाल इनकम टैक्स विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। 2
उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई IIT रुड़की से की और वहां भी गोल्ड मेडल हासिल किया था। अब उन्होंने एक बार फिर शानदार रैंक के साथ सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है।
आयुषी ने दूसरे प्रयास में हासिल की सफलता
आयुषी उपाध्याय भी पढ़ाई में हमेशा से अव्वल रही हैं। उन्होंने कानून की पढ़ाई की है और अपने दूसरे प्रयास में ही UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास कर ली।
उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और सही रणनीति से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
गांव और जिले में खुशी का माहौल
जैसे ही दोनों भाई-बहन की सफलता की खबर गांव में पहुंची, लोगों की भीड़ उनके घर पहुंचने लगी। गांव के लोगों ने मिठाइयां बांटकर और बधाई देकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सफलता पूरे इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी यह कहानी
आदित्य और आयुषी की सफलता यह दिखाती है कि अगर परिवार का साथ, मेहनत और सही दिशा हो तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता। आजमगढ़ के इस भाई-बहन ने लाखों युवाओं को यह संदेश दिया है कि लगातार प्रयास और दृढ़ निश्चय से बड़ी से बड़ी परीक्षा भी जीती जा सकती है।
आज उनकी यह सफलता पूरे उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
