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CM योगी का बड़ा आदेश: कोडीन कफ सिरप से चल रहा था नशे का खेल, आदेश पर FSDA का एक्शन

🚨 कोडीनयुक्त कफ सिरप पर योगी सरकार का सबसे बड़ा प्रहार! FSDA ने ध्वस्त की करोड़ों की पैरेलल सप्लाई चेन

उत्तर प्रदेश में नशे के खिलाफ जारी जंग में सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। इस बार निशाने पर है कोडीनयुक्त कफ सिरप, जिसे दवा के नाम पर नशे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। 🧪❌

मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने ऐसी पैरेलल सप्लाई चेन का खुलासा किया है, जिसने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया। यह सिर्फ एक छापा नहीं, बल्कि नशे के नेटवर्क पर सीधा वार है। ⚡

🔍 क्या है पूरा मामला?

कोडीन एक नियंत्रित मादक पदार्थ है, जिसका उपयोग सीमित मात्रा में खांसी की दवा में किया जाता है। लेकिन जांच में सामने आया कि यूपी में इसका चिकित्सीय नहीं, बल्कि नशे के लिए बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा था। 😡

दवा की आड़ में सिरप को अवैध तरीके से खरीदा-बेचा जा रहा था और इसकी सप्लाई एक छुपे हुए पैरेलल नेटवर्क के जरिए की जा रही थी।

👮‍♂️ सीएम योगी के निर्देश पर बड़ा एक्शन

सीएम योगी ने साफ कहा कि युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद FSDA, STF और पुलिस ने मिलकर प्रदेशभर में अभियान चलाया। 🚔

यह अभियान सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं था, बल्कि जमीनी स्तर पर दवा माफिया की कमर तोड़ने की कोशिश थी।

📊 FSDA की जांच में क्या-क्या सामने आया?

जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए —

FSDA को शक है कि यह नेटवर्क सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं था, बल्कि दूसरे राज्यों से भी जुड़ा हुआ था।

💰 कितनी बड़ी थी यह पैरेलल सप्लाई चेन?

अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क सैकड़ों करोड़ रुपये के अवैध कारोबार से जुड़ा था। 😱

दवा जो मरीजों तक पहुंचनी थी, वह नशे के सौदागरों के हाथों में पहुंच रही थी। यही वजह है कि सरकार ने इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर अपराध माना।

⚖️ FIR, गिरफ्तारी और कानूनी शिकंजा

FSDA की कार्रवाई के बाद —

सरकार का साफ संदेश है — नशे का कारोबार किया तो जेल पक्की। 🔒

🧠 युवाओं पर क्यों था खास फोकस?

जांच में सामने आया कि इस कोडीन सिरप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल युवा वर्ग कर रहा था। स्कूल-कॉलेज के आसपास इसकी सप्लाई होना बेहद खतरनाक संकेत था। 🚫

योगी सरकार पहले भी साफ कर चुकी है कि ड्रग्स फ्री यूपी उसकी प्राथमिकता है।

📢 दवा दुकानदारों को सख्त चेतावनी

FSDA ने सभी मेडिकल स्टोर और दवा कारोबारियों को चेताया है कि —

बिना प्रिस्क्रिप्शन कोडीन सिरप बेचना गंभीर अपराध है।

अब हर बिक्री पर डिजिटल रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और सप्लाई चैन की निगरानी की जाएगी।

🔎 आगे क्या होगा?

सरकार ने साफ किया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। 🚀

अब —

मतलब साफ है — पूरा नेटवर्क जड़ से उखाड़ा जाएगा

📌 निष्कर्ष

कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में योगी सरकार का यह एक्शन सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की रक्षा का कदम है। 🙏

FSDA की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में नशे के सौदागरों के लिए कोई जगह नहीं

अगर यह अभियान इसी तरह चलता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब यूपी सच में नशा मुक्त प्रदेश बनने की दिशा में मजबूत कदम रख देगा। 🇮🇳

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