🇺🇸 US Custody में फंसा हिमाचल का रक्षित चौहान: वेनेजुएला से जब्त रूसी तेल टैंकर, शादी से पहले टूटा परिवार का सपना 💔
कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करती है, जहाँ खुशी और चिंता आमने-सामने खड़ी हो जाती हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से ताल्लुक रखने वाले मर्चेंट नेवी ऑफिसर रक्षित चौहान के साथ। ⚓
जिस घर में 19 फरवरी को शादी की तैयारियाँ चल रही थीं, वहीं अब हर दिन एक ही सवाल गूंज रहा है — “हमारा बेटा कब लौटेगा?” 😔
⚓ क्या है पूरा मामला?
रक्षित चौहान उस रूसी झंडे वाले तेल टैंकर पर तैनात थे, जिसे अमेरिका ने वेनेजुएला से तेल ले जाने के आरोप में जब्त कर लिया। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के उल्लंघन को लेकर की गई।
बताया जा रहा है कि यह टैंकर वेनेजुएला से कच्चा तेल लेकर आगे बढ़ रहा था, तभी अमेरिकी एजेंसियों ने जहाज़ को रोक लिया और पूरे क्रू को हिरासत में ले लिया गया। 🚢
इसी क्रू में शामिल थे हिमाचल प्रदेश के रक्षित चौहान, जो बतौर मर्चेंट नेवी ऑफिसर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे।
👨✈️ कौन हैं रक्षित चौहान?
रक्षित चौहान एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत के बाद मर्चेंट नेवी में जगह बनाई थी। 🌊
परिवार के अनुसार:
- ⚓ रक्षित का यह शुरुआती समुद्री असाइनमेंट था
- 📍 वे हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के निवासी हैं
- 🇮🇳 वे भारत के नागरिक हैं और किसी अवैध गतिविधि से उनका कोई लेना-देना नहीं
परिवार का साफ कहना है कि रक्षित केवल एक कर्मचारी हैं, न कि जहाज़ के मालिक या फैसले लेने वाले अधिकारी।
💍 19 फरवरी को थी शादी
इस खबर को और ज्यादा भावुक बना देती है वह तारीख — 19 फरवरी। 💔
रक्षित की शादी तय हो चुकी है। घर में:
- 🎉 रिश्तेदारों को न्योते भेजे जा चुके थे
- 🛍️ खरीदारी हो रही थी
- 😊 परिवार खुशियों में डूबा हुआ था
लेकिन अब वही घर चिंता, डर और अनिश्चितता से भर गया है।
📞 आखिरी बार कब हुई बात?
परिवार के मुताबिक, जहाज़ पकड़े जाने के दिन रक्षित से आखिरी बार बातचीत हुई थी। 📱
उस बातचीत में उन्होंने बस इतना कहा था कि जहाज़ को रोका गया है और आगे क्या होगा, यह साफ नहीं है। इसके बाद से परिवार का संपर्क टूट गया।
😢 परिवार की दर्दभरी अपील

रक्षित के माता-पिता और परिजनों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। 🇮🇳
परिवार का कहना है:
“हमारा बेटा निर्दोष है। वह सिर्फ नौकरी कर रहा था। सरकार उसे सुरक्षित वापस लाए।”
परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हस्तक्षेप की अपील की है। 🙏
🌍 अंतरराष्ट्रीय राजनीति का शिकार?
यह मामला सिर्फ एक जहाज़ या एक कर्मचारी का नहीं है। यह अमेरिका, रूस और वेनेजुएला के बीच चल रही राजनीति से जुड़ा हुआ है। 🌐
अमेरिका ने वेनेजुएला पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं। ऐसे में जो भी जहाज़ इन प्रतिबंधों के दायरे में आता है, उस पर कार्रवाई की जाती है।
लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या एक सामान्य भारतीय कर्मचारी को इसका खामियाजा भुगतना चाहिए?
⚖️ क्या है कानूनी स्थिति?
फिलहाल जहाज़ और क्रू अमेरिकी हिरासत में हैं। जांच जारी है और आगे की प्रक्रिया कानूनी रास्ते से ही तय होगी।
जानकारों का मानना है कि कूटनीतिक हस्तक्षेप के जरिए भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी संभव है, जैसा पहले भी कई मामलों में हो चुका है।
🇮🇳 भारत सरकार से उम्मीद
भारत सरकार इससे पहले भी विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस ला चुकी है — चाहे वह युद्ध क्षेत्र हो या अंतरराष्ट्रीय विवाद।
ऐसे में रक्षित चौहान के परिवार को भी पूरी उम्मीद है कि:
- ✔️ सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी
- ✔️ रक्षित को निर्दोष मानते हुए रिहाई की कोशिश होगी
- ✔️ शादी से पहले वह अपने घर लौट पाएंगे
❤️ हर घर की कहानी
रक्षित चौहान की कहानी सिर्फ एक नाम नहीं है। यह उस हर परिवार की कहानी है, जो अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए देश-विदेश भेजता है।
आज सवाल सिर्फ यही है — क्या रक्षित समय पर घर लौट पाएंगे?
पूरा हिमाचल, पूरा देश और एक इंतज़ार करता परिवार यही दुआ कर रहा है। 🙏
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