
चार घंटे थाने में रहीं नेहा सिंह राठौर, फिर भी बयान दर्ज नहीं 😮 | बोलीं- पीएम मोदी पर अपनी बातों पर कायम
उत्तर प्रदेश की जानी-मानी लोक गायिका और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलने वाली नेहा सिंह राठौर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है उनका लखनऊ के हजरतगंज थाने में चार घंटे तक मौजूद रहना, लेकिन इसके बावजूद पुलिस द्वारा उनका बयान दर्ज न किया जाना 🤔।
नेहा राठौर ने थाने से बाहर निकलने के बाद साफ कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए अपने बयानों पर पूरी तरह कायम हैं और पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
📍 क्या है पूरा मामला?
नेहा सिंह राठौर के खिलाफ हाल ही में सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और गीत को लेकर एक एफआईआर दर्ज की गई थी। इन वीडियो में उन्होंने पहलगाम हमले और उससे जुड़े राजनीतिक सवालों को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखी टिप्पणी की थी।
इसी एफआईआर के सिलसिले में पुलिस ने नेहा को नोटिस भेजा, जिसके बाद वे स्वेच्छा से बयान दर्ज कराने हजरतगंज थाने पहुंचीं।
⏰ चार घंटे थाने में रहीं, फिर भी बयान क्यों नहीं हुआ दर्ज?
नेहा सिंह राठौर खुद बताती हैं कि वे लगभग चार घंटे तक थाने में बैठी रहीं। इस दौरान उन्होंने कई बार अनुरोध किया कि उनका बयान दर्ज कर लिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
पुलिस की ओर से जो वजह बताई गई, वह यह थी कि:
- 👮♂️ थाने के प्रभारी निरीक्षक मीटिंग में व्यस्त थे
- 🌙 सूर्यास्त के बाद महिला का बयान दर्ज नहीं किया जाता
इन कारणों से नेहा का बयान उस दिन नहीं लिया गया और उन्हें दूसरे दिन आने के लिए कहा गया।
🗣️ थाने से बाहर आकर क्या बोलीं नेहा राठौर?
थाने से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए नेहा सिंह राठौर ने कहा:
“मैं अपनी बात कहने आई थी, भागने नहीं। मैंने जो कहा है, उस पर आज भी कायम हूं। सवाल पूछना और सरकार की आलोचना करना लोकतंत्र का हिस्सा है।” ✊
नेहा ने यह भी कहा कि वे किसी भी जांच से डरती नहीं हैं और कानून का पूरा सम्मान करती हैं।
⚖️ क्या बोलना बन गया है अपराध?
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या सरकार से सवाल पूछना या आलोचना करना अब अपराध माना जाएगा? 🤷♂️
नेहा सिंह राठौर लंबे समय से सामाजिक, राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर गीतों और वीडियो के जरिए आवाज उठाती रही हैं। इससे पहले भी उनके कई गीत वायरल हो चुके हैं, जिनमें उन्होंने:
- बेरोजगारी 😔
- महंगाई 💸
- किसानों की समस्या 🚜
- महिलाओं की सुरक्षा 🚺
जैसे मुद्दों को उठाया है।
📢 समर्थकों और आलोचकों की प्रतिक्रिया
नेहा राठौर के इस मामले पर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
जहां एक वर्ग उनका समर्थन करते हुए कह रहा है कि:
“नेहा सच बोल रही हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।” ❤️
वहीं दूसरी ओर कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि:
“इस तरह के बयान देश की छवि खराब करते हैं।” ⚠️
यानी मामला अब सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि वैचारिक बहस का भी बन चुका है।
📄 FIR में क्या आरोप हैं?
एफआईआर में नेहा सिंह राठौर पर आरोप है कि उनके वीडियो और बयानों से:
- सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है
- देश की एकता पर असर पड़ सकता है
- सरकार और संवैधानिक पदों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई
हालांकि नेहा का कहना है कि उन्होंने किसी भी तरह की हिंसा या नफरत को बढ़ावा नहीं दिया है।
🧠 लोकतंत्र में कलाकार की भूमिका
इस मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि लोकतंत्र में कलाकार और रचनाकार की भूमिका क्या होनी चाहिए?
क्या कलाकार सिर्फ मनोरंजन तक सीमित रहें या फिर समाज के आईने की तरह सच्चाई दिखाने का काम करें? 🎭
नेहा सिंह राठौर खुद को दूसरे वर्ग में मानती हैं। उनका कहना है कि:
“अगर कलाकार सवाल नहीं पूछेगा, तो आम आदमी की आवाज कौन बनेगा?”
🔍 आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल पुलिस की ओर से नेहा सिंह राठौर को दोबारा बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा सकता है। आगे की कार्रवाई उनके बयान और जांच के आधार पर तय होगी।
नेहा ने भी साफ किया है कि वे:
- हर नोटिस का जवाब देंगी ✔️
- कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगी ✔️
- लेकिन अपनी बात से पीछे नहीं हटेंगी ✔️
📌 निष्कर्ष
चार घंटे तक थाने में बैठना और फिर भी बयान दर्ज न होना, यह मामला कई सवाल खड़े करता है। नेहा सिंह राठौर का यह कहना कि वे पीएम मोदी को लेकर अपने बयानों पर कायम हैं, आने वाले दिनों में इस मुद्दे को और बड़ा बना सकता है।
अब देखना यह होगा कि कानून अपना रास्ता कैसे तय करता है और अभिव्यक्ति की आज़ादी की इस लड़ाई में आगे क्या मोड़ आता है। 🇮🇳
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