कोर्ट में प्रकरण लंबित के बाद भी विवादित जमीन का एक हिस्सा प्रतिवादी राजमल गुप्ता ने बेचा, अतिरिक्त व्यवहार न्यायालय वर्ग-1 ने शेष जमीन को विक्रय करने पर दिया स्टे


शिवपुरी। अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 ने ग्राम ककरवाया की विवादित जमीन सर्वे क्रमांक 676/1 मिन 2 को विक्रय करने से प्रतिवादी राजमल गुप्ता पुत्र रामजीलाल गुप्ता निवासी कृष्णपुरम कॉलोनी शिवपुरी को रोक दिया है।
वादी महेंद्र कुमार गोयल ने न्यायालय में प्रकरण दायर कर रिलीव की मांग की थी। क्योंकि प्रतिवादी गुप्ता ने विवादित जमीन का मामला न्यायालय में लंबित रहने के दौरान उसमें से कुछ हिस्से की जमीन का विक्रय कर दिया था। प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 शिवपुरी पवन कुमार ने स्टे ऑडर्र जारी करते हुए प्रतिवादी राजमल गुप्ता के विरूद्ध इस आशय की निषेधाज्ञा (स्टे ऑर्डर) जारी की है कि प्रकरण के अंतिम निराकरण तक विवादित भूमि के सर्वे क्रमांक 676/1/मिन 4 वर्तमान सर्वे क्रमांंक 676/1 /2 रकवा 0.7800 हैक्टेयर को किसी अन्य को न विक्रय करे। फरियादी महेंद्र कुमार गोयल ने न्यायालय में आवेदन पत्र प्रस्तुत कर अवगत कराया था कि उनके द्वारा ग्राम ककरवाया में सर्वे क्रमांक 676/1 रकवा 0.80 हैक्टर भूमि का विक्रय करने का अनुबंध वर्ष 19/04/2011 में विक्रेता और प्रतिवादी राजमल गुप्ता से किया था। जिसकी राशि भी वह प्रतिवादी को दे चुके थे। प्रतिवादी के पास उस समय 1.200 हैक्टर जमीन थी। लेकिन जब प्रतिवादी ने वादी के पक्ष में अनुबंध की जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई तो संशोधित अनुबंध पत्र 20/04/2013, 201/05/2015, 14/04/2016, 15/07/2017 संपादित किए गए। इसके बाद वादी ने प्रतिवादी को सूचना पत्र भी दिए। लेकिन इसके बाद भी प्रतिवादी ने वादी के पक्ष में विक्रय पत्र के अनुबंध द्वारा तय की गई जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। इससे व्यथित होकर वादी महेंद्र कुमार गोयल ने न्यायालय की शरण ली। लेकिन न्यायालय में प्रकरण लंबित रहने के दौरान भी प्रतिवादी ने विवादित जमीन में से कुछ जमीन का विक्रय कर दिया था। जिससे प्रतिवादी की जमीन घटकर 0.780 हैक्टर रह गई थी। वादी के आवदेन पर न्यायालय ने प्रतिवादी के विरूद्ध जमीन का विक्रय न करने के लिए स्टे ऑर्डर जारी किया है जिससे फरियादी गोयल ने राहत की सांस ली है।

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