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“स्कूल में पढ़ाई नहीं, ‘मैडम’ की मालिश! बच्चियों से बॉडी मसाज करवाती प्रिंसिपल का वीडियो वायरल 😳”

पढ़ाई छोड़ ‘मैडम’ की मालिश! चित्रकूट के स्कूल का वीडियो वायरल, बच्चियों से बॉडी मसाज कराने पर मचा बवाल 😳

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका स्कूल की छात्राओं से अपनी बॉडी मसाज करवाती दिखाई दे रही हैं।

यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि अगर स्कूल में पढ़ाई की जगह बच्चों से निजी काम करवाया जाएगा, तो आखिर बच्चों का भविष्य कैसे बनेगा?

📌 क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि स्कूल की कुछ छोटी बच्चियां जमीन पर बैठकर अपनी प्रधानाध्यापिका की मालिश कर रही हैं।

बताया जा रहा है कि यह घटना स्कूल के समय की है, जब बच्चों को पढ़ाई करनी चाहिए थी। लेकिन पढ़ाई की जगह बच्चियों से निजी काम करवाया जा रहा था।

वीडियो में प्रधानाध्यापिका आराम से लेटी हुई नजर आती हैं जबकि छात्राएं उनके हाथ-पैर दबाती दिखाई देती हैं। यह दृश्य देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

🎥 वीडियो वायरल होते ही मचा हंगामा

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने इसे शिक्षा व्यवस्था का अपमान बताया।

लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों को पढ़ाने और उनका भविष्य बनाने के लिए होते हैं, लेकिन अगर वहीं उनसे ऐसे काम करवाए जाएं तो यह बेहद शर्मनाक है।

कई यूजर्स ने सरकार और शिक्षा विभाग से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

⚠️ एक दिन की नहीं, कई दिनों की घटना?

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वायरल वीडियो में प्रधानाध्यापिका अलग-अलग कपड़ों में दिखाई दे रही हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह घटना सिर्फ एक दिन की नहीं बल्कि कई दिनों की हो सकती है।

अगर ऐसा है तो यह मामला और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि इसका मतलब है कि लंबे समय से बच्चों से ऐसे काम करवाए जा रहे थे।

👨‍👩‍👧 अभिभावकों में भी गुस्सा

इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भी भारी नाराजगी देखने को मिली। कई अभिभावकों ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजा है, न कि किसी की सेवा करने के लिए।

कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो सरकारी स्कूलों की छवि और खराब हो जाएगी।

🚨 प्रशासन ने लिया एक्शन

मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

प्रारंभिक जांच में मामला सही पाए जाने के बाद संबंधित प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

📚 शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

लोगों का कहना है कि अगर स्कूलों में बच्चों से इस तरह के काम करवाए जाएंगे तो इससे शिक्षा व्यवस्था की छवि खराब होगी।

📱 सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर यह मामला काफी चर्चा में है। कई लोगों ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है।

कुछ यूजर्स ने लिखा कि अगर शिक्षक ही इस तरह का व्यवहार करेंगे तो बच्चों को क्या सीख मिलेगी। वहीं कई लोगों ने कहा कि दोषी शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

⚖️ क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि बच्चों से जबरन ऐसा काम करवाया गया था, तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और मजबूत की जानी चाहिए।

📢 निष्कर्ष

चित्रकूट का यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि स्कूलों में बच्चों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों में अगर बच्चों से निजी काम करवाया जाएगा, तो यह बेहद चिंताजनक है।

उम्मीद की जा रही है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।


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