
लोकसभा में हंगामा! स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा, ध्वनिमत से विपक्ष को बड़ा झटका
नई दिल्ली 🏛️: संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में बुधवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। विपक्ष की ओर से लोकसभा स्पीकर Om Birla के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया। सदन में इस मुद्दे पर कई घंटों तक जोरदार बहस हुई और माहौल काफी गरम रहा।
विपक्ष का आरोप था कि स्पीकर सदन की कार्यवाही चलाने में पक्षपात कर रहे हैं और विपक्षी सांसदों को पर्याप्त बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा। वहीं सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया और कहा कि स्पीकर हमेशा संविधान और संसदीय परंपराओं के अनुसार काम कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल संसद के बजट सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। विपक्ष का कहना था कि स्पीकर सदन में निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही नहीं चला रहे हैं और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विपक्ष को बोलने का अवसर नहीं दिया गया।
इस प्रस्ताव पर लोकसभा में लंबी बहस हुई। कई विपक्षी सांसदों ने अपनी नाराजगी जताई और स्पीकर की कार्यशैली पर सवाल उठाए। वहीं सत्ता पक्ष के सांसदों ने इन आरोपों का जोरदार जवाब दिया।
बहस के दौरान हुआ जोरदार हंगामा
जैसे ही इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई, लोकसभा में माहौल काफी गरम हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कई बार सदन में शोर-शराबा भी हुआ।
कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि सदन की कार्यवाही बाधित हो सकती है, लेकिन बाद में चर्चा जारी रही और आखिर में प्रस्ताव पर फैसला लिया गया।
ध्वनिमत से गिर गया प्रस्ताव
चर्चा पूरी होने के बाद जब प्रस्ताव पर फैसला लिया गया तो इसे ध्वनिमत यानी Voice Vote के जरिए खारिज कर दिया गया। इसका मतलब यह हुआ कि सदन के अधिकतर सांसदों ने प्रस्ताव के खिलाफ आवाज उठाई और यह पास नहीं हो सका।
इस फैसले के साथ ही ओम बिरला लोकसभा स्पीकर के पद पर बने रहेंगे और विपक्ष की उन्हें हटाने की कोशिश सफल नहीं हो पाई।
विपक्ष ने लगाए ये आरोप
विपक्षी नेताओं का कहना था कि हाल के दिनों में लोकसभा की कार्यवाही के दौरान कई बार ऐसा लगा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं मिल रहा।
कुछ सांसदों के निलंबन और कुछ मुद्दों पर चर्चा न होने को लेकर भी विपक्ष ने नाराजगी जताई थी। इन्हीं बातों को आधार बनाकर स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।
सरकार ने किया स्पीकर का बचाव
सरकार की ओर से कई वरिष्ठ नेताओं ने स्पीकर ओम बिरला का बचाव किया। गृह मंत्री Amit Shah समेत कई नेताओं ने कहा कि स्पीकर हमेशा नियमों के अनुसार सदन की कार्यवाही चलाते हैं।
सरकार का कहना था कि विपक्ष राजनीतिक कारणों से इस तरह के आरोप लगा रहा है और संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहा है।
भारतीय संसद के इतिहास में कम ही आते हैं ऐसे प्रस्ताव
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बहुत ही कम बार लाया गया है। भारतीय संसदीय इतिहास में ऐसे मामले बेहद दुर्लभ माने जाते हैं।
पहले भी कुछ मौकों पर स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाने की कोशिश हुई, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। इस बार भी विपक्ष का प्रस्ताव पास नहीं हो पाया।
आगे क्या होगा?
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। बजट सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा होनी बाकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ सकता है। हालांकि संसदीय कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आखिरकार ध्वनिमत से खारिज हो गया। कई घंटों की बहस और हंगामे के बाद यह फैसला सामने आया।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर संसद के भीतर राजनीतिक टकराव को उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे को लेकर राजनीति और तेज हो सकती है।
