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यूपी कड़ाके की ठंड का बड़ा असर ❄️: बरेली-जौनपुर के बाद के 8 और जिलों में स्कूल बंद, शिक्षकों को भी राहत

ठंड ने बदली पढ़ाई की रूटीन ❄️: बरेली-जौनपुर के बाद UP के 8 और जिलों में स्कूल बंद

यूपी में ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली पढ़ाई को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ❄️
बरेली और जौनपुर के बाद अब डीएम के आदेश से 8 और जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इस फैसले से जहां छोटे बच्चों को बड़ी राहत मिली है, वहीं शिक्षकों के लिए भी राहत भरी खबर सामने आई है।

सुबह-सुबह घना कोहरा, सड़कों पर कम विजिबिलिटी और कड़ाके की ठंड—ऐसे हालात में बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है। यही वजह है कि जिला प्रशासन ने समय रहते बड़ा फैसला लिया है। 👶📚

किन जिलों में डीएम के आदेश से स्कूल बंद? 🏫

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, फिलहाल जिन जिलों में प्राथमिक और जूनियर स्तर के स्कूल बंद किए गए हैं, उनमें शामिल हैं:

इन जिलों में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। कुछ जगहों पर यह आदेश एक दिन के लिए है, तो कुछ जिलों में इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। ⏳

छात्रों के लिए क्यों जरूरी था ये फैसला? 🤔

ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ता है। सुबह-सुबह स्कूल जाना, खुले में खड़े होकर वाहन का इंतजार करना और ठंडी हवा में सफर करना बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। 🥶

डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में बच्चों में:

जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए डीएम ने स्कूल बंद करने का फैसला लिया है, ताकि बच्चों को किसी तरह का खतरा न हो। ❤️

शिक्षकों के लिए भी राहत की खबर 👩‍🏫👨‍🏫

इस आदेश में केवल बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी राहत दी गई है। कई जिलों में शिक्षकों को सुबह के समय स्कूल आने से छूट दी गई है।

हालांकि कुछ जगहों पर शिक्षकों को:

के निर्देश दिए गए हैं। इससे शिक्षकों को भी ठंड में सुबह-सुबह निकलने की परेशानी से राहत मिली है। 🙏

क्या ऑनलाइन क्लास होंगी? 💻

कई अभिभावकों के मन में सवाल है कि क्या इन छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन क्लास चलेंगी?
इस पर प्रशासन ने साफ किया है कि फिलहाल प्राथमिक कक्षाओं के लिए ऑनलाइन क्लास अनिवार्य नहीं की गई है।

हालांकि कुछ निजी स्कूल अपने स्तर पर:

करा सकते हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों में बच्चों पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। 😊

अभिभावकों में दिखी राहत 😌

स्कूल बंद होने की खबर सुनते ही अभिभावकों ने राहत की सांस ली। कई माता-पिता का कहना है कि इस मौसम में बच्चों को घर से बाहर भेजना बेहद मुश्किल हो जाता है।

एक अभिभावक ने कहा—
“सुबह इतना कोहरा होता है कि कुछ दिखता ही नहीं। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना डरावना हो जाता है। प्रशासन का फैसला बिल्कुल सही है।” 👍

आगे और बढ़ सकती है छुट्टियां? 📅

मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि:

हालांकि अंतिम फैसला जिला प्रशासन और डीएम के स्तर पर लिया जाएगा। इसलिए अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। 📢

सरकार की प्राथमिकता: बच्चों की सुरक्षा 🛡️

यह फैसला एक बार फिर दिखाता है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा है। पढ़ाई जरूरी है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा जरूरी बच्चों का स्वस्थ और सुरक्षित रहना। ❤️

ठंड कम होते ही स्कूलों को फिर से खोला जाएगा और पढ़ाई को सामान्य रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

निष्कर्ष ✍️

बरेली और जौनपुर के बाद यूपी के 8 और जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला समय की जरूरत था। इससे बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों—तीनों को राहत मिली है।

अब सभी की नजरें मौसम पर टिकी हैं। जैसे ही ठंड का असर कम होगा, स्कूलों की रौनक फिर लौट आएगी। 📚✨

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