🪁 मकर संक्रांति पर योगी सरकार का बड़ा ऐलान: यूपी में 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए मकर संक्रांति से पहले एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है 😊। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मकर संक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी को पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, कॉलेजों और बैंकों में छुट्टी रहेगी।
📢 योगी सरकार का आधिकारिक फैसला
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस बार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस दिन राजकीय अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश पूरे उत्तर प्रदेश में लागू रहेगा 🏛️।
सरकार का कहना है कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ा हुआ त्योहार है। ऐसे में लोगों को त्योहार मनाने के लिए पूरा समय मिल सके, इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
❓ 14 नहीं बल्कि 15 जनवरी को क्यों छुट्टी?
हर साल मकर संक्रांति की तारीख को लेकर लोगों के बीच थोड़ा भ्रम रहता है 🤔। आमतौर पर यह पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन इस बार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश की गणना के अनुसार मकर संक्रांति 15 जनवरी को पड़ रही है।
इसी ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यता को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने पहले से तय 14 जनवरी की जगह 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
🏫 क्या-क्या रहेगा बंद?
15 जनवरी को घोषित सार्वजनिक अवकाश के कारण प्रदेशभर में कई संस्थान बंद रहेंगे:
- 🏢 सभी सरकारी कार्यालय
- 🏫 सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज
- 🏦 बैंक और कोषागार
- 📄 सरकारी संस्थान और बोर्ड कार्यालय
हालांकि, आपात सेवाएं जैसे अस्पताल, एंबुलेंस, पुलिस और फायर सर्विस पहले की तरह चालू रहेंगी 🚑।
🎉 आम जनता को क्या फायदा?

इस फैसले से आम लोगों को काफी राहत मिली है 😊। नौकरीपेशा लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकेंगे, वहीं छात्र-छात्राओं को भी पढ़ाई के तनाव से एक दिन की छुट्टी मिलेगी।
ग्रामीण इलाकों में मकर संक्रांति का विशेष महत्व होता है, जहां लोग स्नान-दान, पतंगबाजी और पारंपरिक भोज का आयोजन करते हैं। छुट्टी मिलने से लोग पूरे उत्साह के साथ त्योहार मना पाएंगे 🪁।
🙏 मकर संक्रांति का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
मकर संक्रांति भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन सूर्य उत्तरायण होता है और माना जाता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है 🌞।
गंगा स्नान, दान-पुण्य, खिचड़ी, तिल-गुड़ और पतंगबाजी इस पर्व की मुख्य परंपराएं हैं। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इस दिन काफी बढ़ जाती है।
🪁 त्योहार और प्रशासन की तैयारी
छुट्टी की घोषणा के साथ ही प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गंगा घाटों पर सुरक्षा, साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं 👮♂️।
सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
💬 लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर योगी सरकार के इस फैसले की खूब चर्चा हो रही है 📱। कई लोगों ने इसे सही समय पर लिया गया निर्णय बताया है।
लोगों का कहना है कि पहले 14 जनवरी को छुट्टी होने से भ्रम की स्थिति थी, लेकिन अब तारीख साफ होने से योजना बनाना आसान हो गया है।
📌 निष्कर्ष
कुल मिलाकर, 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करना योगी सरकार का एक सराहनीय कदम माना जा रहा है 👍। इससे न सिर्फ धार्मिक भावनाओं का सम्मान हुआ है, बल्कि आम जनता को भी त्योहार मनाने का पूरा अवसर मिला है।
अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं, तो 15 जनवरी को सरकारी कामकाज की योजना बनाते समय इस छुट्टी को ध्यान में रखें और अपने परिवार के साथ मकर संक्रांति का आनंद लें 🪁😊।