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“भईया हम सुरक्षित नहीं हैं!” सुल्तानपुर कोर्ट में दहशत, बम धमकी से कांपे वकील

⚠️ भईया हम सुरक्षित नहीं हैं! सुल्तानपुर कोर्ट में दहशत, बम धमकी के बाद अधिवक्ताओं का फूटा दर्द

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर कोर्ट से आई खबर ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। जहां इंसाफ मिलना चाहिए, वहां अब डर का माहौल बन गया है। अधिवक्ताओं का दर्द छलक पड़ा और उन्होंने साफ कहा — “अब हम खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते।” 😟⚖️

📩 बम धमकी से मचा हड़कंप

कोर्ट परिसर को लेकर अचानक बम धमकी मिलने की सूचना सामने आई। इसके बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वकील, फरियादी और कर्मचारी सबके चेहरे पर डर साफ नजर आने लगा।

कुछ देर के लिए कामकाज ठप हो गया और हर कोई बस यही पूछता रहा — क्या सच में कोर्ट में खतरा है? 💣

😢 अधिवक्ताओं का फूटा गुस्सा और दर्द

कोर्ट में काम करने वाले अधिवक्ताओं ने कहा कि हम रोज न्याय दिलाने आते हैं, लेकिन अब खुद की जान को लेकर डर बना रहता है।

एक वकील ने भावुक होकर कहा — “अगर कोर्ट ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी कहां जाएगा?”

दूसरे अधिवक्ता बोले — “यह सब भगवान भरोसे चल रहा है। न सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है, न कोई ठोस इंतजाम।” 🙏

🚔 सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

बम धमकी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जांच शुरू हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुरक्षा ढांचा नजर नहीं आया।

वकीलों का कहना है कि हर दिन हजारों लोग कोर्ट आते हैं — महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे भी — लेकिन सुरक्षा नाम मात्र की है।

📉 न्याय व्यवस्था पर असर

जब कोर्ट में डर का माहौल होगा तो काम कैसे चलेगा?

अधिवक्ताओं के अनुसार इस तरह की घटनाओं से केसों की सुनवाई प्रभावित होती है, लोग कोर्ट आने से डरने लगते हैं और न्याय की प्रक्रिया कमजोर पड़ती है। ⚖️

🗣️ आम लोगों की चिंता

सिर्फ वकील ही नहीं, कोर्ट आने वाले आम लोग भी सहमे हुए हैं।

एक महिला फरियादी ने कहा — “हम न्याय के लिए आए हैं, लेकिन यहां जान का डर लग रहा है।”

एक बुजुर्ग बोले — “पहले कोर्ट को सुरक्षित समझते थे, अब यहां भी डर है।” 😔

📌 पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां

जानकारों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब अदालतों को लेकर ऐसी धमकियां मिली हों।

पहले भी कई जिलों में कोर्ट को निशाना बनाने की अफवाहें और धमकी भरे संदेश सामने आ चुके हैं।

हर बार जांच होती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता।

🔐 अधिवक्ताओं की मांगें

वकीलों ने साफ तौर पर कहा कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।

उनका कहना है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन तक किया जा सकता है। 🚨

⚖️ क्या सुरक्षित रहेगा इंसाफ का मंदिर?

कोर्ट को इंसाफ का मंदिर कहा जाता है, लेकिन जब वही जगह डर का कारण बन जाए तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है।

सुल्तानपुर कोर्ट की यह घटना पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी है कि सुरक्षा को नजरअंदाज करना अब भारी पड़ सकता है।

🕊️ भरोसा बहाल करना जरूरी

सरकार और प्रशासन को चाहिए कि सिर्फ जांच तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसी मजबूत व्यवस्था बनाए जिससे दोबारा कोई धमकी डर न फैला सके।

तभी वकील और आम लोग बिना भय के न्याय की उम्मीद लेकर कोर्ट आ सकेंगे।

📢 निष्कर्ष

सुल्तानपुर कोर्ट में बम धमकी की खबर ने यह साफ कर दिया है कि हमारी न्यायिक जगहें भी अब सुरक्षित नहीं रहीं।

अधिवक्ताओं का दर्द केवल शब्द नहीं, बल्कि सिस्टम को आईना दिखा रहा है।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस डर को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी बाकी घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। 😔

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