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“अयोध्या में GST अधिकारी का भावुक इस्तीफा 😢: शंकराचार्य और CM योगी के विवाद ने तोड़ा दिल”

अयोध्या GST अधिकारी का भावुक इस्तीफा 🥺: शंकराचार्य और योगी सरकार के टकराव ने कैसे तोड़ दिया एक अफसर

अयोध्या… वही शहर जिसे लोग आस्था, रामभक्ति और शांति से जोड़ते हैं।
लेकिन इसी पवित्र नगरी से जुड़ी एक खबर ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

यह कहानी है GST विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह की,
जो अचानक भावुक हो गए, टूट गए और अंत में सरकारी नौकरी छोड़ने का फैसला कर बैठे।

📌 आखिर अचानक क्या हुआ?

पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश की राजनीति और धर्म के गलियारों में
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच बयानबाज़ी चल रही थी।

मामला प्रयागराज के माघ मेला से जुड़ा बताया जा रहा है,
जहाँ शंकराचार्य ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

धीरे-धीरे यह विवाद सोशल मीडिया, टीवी डिबेट और सियासी मंचों तक पहुंच गया 🔥

🧩 विवाद की जड़ क्या थी?

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि—

इसके बाद उनके कुछ बयान ऐसे आए,
जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सरकार के समर्थकों ने
आपत्तिजनक और अपमानजनक बताया।

😢 GST अधिकारी क्यों टूट गए?

अयोध्या में तैनात GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह
इस पूरे घटनाक्रम को बहुत करीब से देख रहे थे।

उन्होंने महसूस किया कि—

यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि वे कई रातों तक सो नहीं पाए 😔
और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।

📄 इस्तीफे में अधिकारी ने क्या लिखा?

अपने इस्तीफे में प्रशांत सिंह ने साफ शब्दों में कहा—

“जिस सरकार से मुझे रोज़गार मिला,
जिस व्यवस्था ने मुझे पहचान दी,
उसका अपमान मैं चुपचाप नहीं देख सकता।”

उन्होंने इसे अपना नैतिक दायित्व बताया
और कहा कि ऐसे माहौल में सेवा करना उनके लिए संभव नहीं है।

😭 इस्तीफे के समय भावुक हो गए अधिकारी

जब प्रशांत सिंह ने अपने इस्तीफे की बात सार्वजनिक की,
तो वे खुद को संभाल नहीं पाए।

कई रिपोर्ट्स के अनुसार—

यह दृश्य जिसने भी देखा,
उसे एहसास हुआ कि मामला सिर्फ नौकरी छोड़ने का नहीं था,
बल्कि एक इंसान के अंदर चल रहे तूफान का था 🌪️

🔥 क्या यह सिर्फ एक इस्तीफा है?

नहीं।

यह इस्तीफा कई बड़े सवाल खड़े करता है—

यह घटना बताती है कि
राजनीति और धर्म का टकराव
अब आम इंसान और सरकारी सिस्टम तक पहुंच चुका है।

🏛️ सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई?

फिलहाल सरकार की तरफ से
इस इस्तीफे पर कोई बड़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यह भी साफ नहीं है कि—

हालांकि, प्रशासनिक हलकों में
इस घटना को बेहद गंभीर माना जा रहा है।

🧠 समाज के लिए क्या संदेश?

यह पूरा मामला हमें एक बात सिखाता है—

शब्दों की ताकत बहुत बड़ी होती है।

जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग
बिना सोचे-समझे बयान देते हैं,
तो उसका असर सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहता।

उसका असर—

सब पर पड़ता है।

✍️ निष्कर्ष

अयोध्या GST अधिकारी का इस्तीफा
एक चेतावनी की तरह है 🚨

यह बताता है कि
अगर विवाद, अहंकार और आरोप-प्रत्यारोप
इसी तरह बढ़ते रहे,
तो सिस्टम के मजबूत स्तंभ भी दरक सकते हैं।

अब जरूरत है—

ताकि कोई और प्रशांत सिंह
इस तरह टूटकर सिस्टम से बाहर न जाए।

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