
💰 मानदेय में देरी पर सख्त हुए सीएम योगी, कर्मचारियों के खाते में समय पर पहुंचेगा पैसा
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से मानदेय को लेकर परेशान चल रहे हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है 😊।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि
आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और अन्य मानदेय पाने वाले कर्मचारियों का पैसा तय समय पर सीधे बैंक खाते में पहुंचे।
सीएम योगी का यह आदेश केवल एक औपचारिक निर्देश नहीं, बल्कि एक सख्त चेतावनी है उन अधिकारियों के लिए
जो भुगतान में देरी को सामान्य मानते रहे हैं ⚠️।
📌 क्यों जरूरी था सीएम योगी का यह सख्त कदम?
उत्तर प्रदेश में लाखों कर्मचारी ऐसे हैं जो नियमित वेतन नहीं बल्कि मानदेय पर काम करते हैं।
इनमें खासतौर पर:
- 👩⚕️ आशा कार्यकर्ता
- 👩🏫 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं
- 🏥 स्वास्थ्य विभाग से जुड़े फील्ड वर्कर
- 📋 अन्य संविदा और अल्प वेतनभोगी कर्मचारी
इन कर्मचारियों की सबसे बड़ी समस्या यही रही है कि मानदेय समय पर नहीं मिलता 😟।
कभी एक महीना लेट, कभी दो महीने, तो कभी उससे भी ज्यादा।
सीएम योगी ने इसी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए कहा कि
मानदेय में देरी कर्मचारियों के सम्मान और मनोबल दोनों को तोड़ती है।
🗣️ बैठक में क्या बोले मुख्यमंत्री योगी?
वित्त विभाग और संबंधित अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में कहा —
“जो कर्मचारी सरकार की योजनाओं को ज़मीन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं,
अगर उन्हें ही समय पर पैसा नहीं मिलेगा, तो सिस्टम पर भरोसा कैसे बनेगा?”
💬
उन्होंने निर्देश दिया कि:
- ⏰ हर महीने एक निश्चित तारीख तय की जाए
- 🏦 उसी तारीख तक पैसा सीधे बैंक खाते में पहुंचे
- 📑 भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक फाइलें और देरी खत्म की जाए
- ⚠️ लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
🏦 केंद्र और राज्य के हिस्से का पैसा — अब नहीं चलेगी देरी
कई योजनाएं ऐसी होती हैं जिनमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों का पैसा शामिल होता है।
अक्सर देखा गया है कि:
- केंद्र से पैसा आने में देरी
- राज्य स्तर पर फाइल अटकना
- तकनीकी कारणों का बहाना
सीएम योगी ने साफ कहा कि
केंद्र के हिस्से का इंतजार करते हुए राज्य अपने हिस्से का भुगतान रोके नहीं 🚫।
जहां जरूरत हो, वहां राज्य सरकार पहले भुगतान करे और बाद में केंद्र से समायोजन किया जाए।
😊 कर्मचारियों में क्यों जगी नई उम्मीद?
इस निर्देश के बाद से आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद देखने को मिल रही है 🌟।
कई कर्मचारियों का कहना है कि:
- अब घर का बजट समय पर बनेगा
- बच्चों की पढ़ाई और इलाज में परेशानी कम होगी
- काम के प्रति मनोबल बढ़ेगा
एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कहा —
“हम गांव-गांव जाकर काम करते हैं, अगर पैसा समय पर मिले तो मेहनत का हौसला दोगुना हो जाता है।” 😊
📊 पारदर्शी सिस्टम पर सरकार का फोकस
सीएम योगी ने केवल निर्देश देकर बात खत्म नहीं की, बल्कि
भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर भी जोर दिया 🔍।
इसके तहत:
- 💻 डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम
- 📲 ऑनलाइन भुगतान की निगरानी
- 📆 तय समयसीमा में भुगतान
- 📝 शिकायतों का त्वरित निस्तारण
इन सभी कदमों का उद्देश्य यही है कि
कर्मचारी बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटें।
⚠️ लापरवाही करने वालों पर क्या होगी कार्रवाई?
सीएम योगी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि
अब भुगतान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ❌।
अगर किसी जिले या विभाग से शिकायत मिलती है कि:
- मानदेय देर से मिला
- बिना कारण भुगतान रोका गया
- फाइल जानबूझकर अटकाई गई
तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ
अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
📝 निष्कर्ष
सीएम योगी आदित्यनाथ का यह सख्त निर्देश साफ संकेत देता है कि
अब मानदेय कर्मचारियों की अनदेखी नहीं होगी।
अगर आदेश सही तरीके से लागू होते हैं, तो यह फैसला
उत्तर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के जीवन में
आर्थिक स्थिरता और मानसिक राहत लेकर आएगा 😊।
अब देखना यह होगा कि ज़मीन पर इसका असर कितनी तेजी से दिखता है।
