Site icon Bindas News

होली खेलकर रंग छुड़ाने गईं 3 बच्चियां… नहर में उतरीं और फिर जो हुआ सुनकर कांप उठेगा दिल

होली के रंग बने मौत का कारण! रंग छुड़ाने नहर में उतरीं 3 बच्चियां डूबीं, प्रतापगढ़ के नागपुर गांव में छाया मातम 😢

होली का त्योहार आमतौर पर खुशियों, रंगों और हंसी का प्रतीक माना जाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में इस बार होली का दिन एक दर्दनाक हादसे की वजह से मातम में बदल गया।
प्रतापगढ़ के नागपुर गांव में तीन मासूम बच्चियां होली का रंग छुड़ाने के लिए नहर में उतरीं, लेकिन कुछ ही मिनटों में एक ऐसा हादसा हो गया जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया।

होली के बाद रंग छुड़ाने गई थीं बच्चियां

मिली जानकारी के अनुसार यह घटना प्रतापगढ़ जिले के संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के नागपुर गांव की है। होली खेलने के बाद गांव की तीन बच्चियां पास की नहर पर रंग साफ करने के लिए चली गईं।

गांव के लोगों के मुताबिक उस समय नहर में पानी का बहाव काफी तेज था। बच्चियां जैसे ही नहर में उतरीं, उनका संतुलन बिगड़ गया और वे धीरे-धीरे गहरे पानी में चली गईं।

कुछ ही सेकंड में स्थिति इतनी खराब हो गई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और तीनों बच्चियां पानी में डूब गईं।

ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की

जैसे ही गांव के लोगों को इस घटना की जानकारी मिली, वहां अफरा-तफरी मच गई। कई ग्रामीण तुरंत नहर की तरफ दौड़े और बच्चियों को बचाने की कोशिश करने लगे।

कुछ लोगों ने नहर में कूदकर बच्चियों को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बाद में गोताखोरों की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया।

गांव में छाया मातम

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे नागपुर गांव में मातम छा गया है। जहां कुछ घंटे पहले तक होली के रंग और खुशी का माहौल था, वहीं अब हर तरफ सन्नाटा और दुख का माहौल है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से बेहद दुखी हैं। कई लोगों ने बताया कि इतनी बड़ी दुर्घटना की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि होली जैसे त्योहार पर इस तरह का हादसा पूरे गांव के लिए बहुत बड़ा सदमा है।

पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दी गई है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नहर, नदी या तालाब के पास बच्चों को अकेले न जाने दें। कई बार छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन जाती है।

हर साल होते हैं ऐसे हादसे

विशेषज्ञों का कहना है कि होली के बाद लोग अक्सर रंग साफ करने के लिए नदी, तालाब या नहर में चले जाते हैं। लेकिन कई बार पानी की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा नहीं लग पाता।

इसी वजह से हर साल ऐसे हादसे सामने आते हैं। प्रशासन भी समय-समय पर लोगों को सावधान रहने की सलाह देता है।

बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहना जरूरी है। खासकर त्योहारों के समय जब बच्चे ज्यादा उत्साहित होते हैं।

माता-पिता और परिवार के लोगों को चाहिए कि वे बच्चों को अकेले नदी, नहर या तालाब के पास न जाने दें।

त्योहार की खुशी में न करें लापरवाही

होली खुशियों का त्योहार है, लेकिन इस खुशी के बीच थोड़ी-सी सावधानी बहुत जरूरी है।
अगर लोग सतर्क रहें और बच्चों पर नजर रखें तो ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सकता है।

प्रतापगढ़ की यह घटना पूरे इलाके के लिए एक बड़ी सीख बनकर सामने आई है।


Exit mobile version