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डायरी में लिखा – “मेरी ज़िंदगी बहुत अकेली है” 😢 गाजियाबाद की तीन बहनों की मौत से कांपा यूपी, कोरियन गेमिंग ऐप बना सवालों का केंद्र

“मेरी ज़िंदगी बहुत अकेली है” 😢 गाजियाबाद की तीन बहनों की मौत ने देश को हिला दिया

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है 💔। तीन नाबालिग बहनों ने एक साथ ऊंची इमारत से कूदकर अपनी जान दे दी। पीछे रह गई एक डायरी, कुछ आखिरी शब्द और ढेरों सवाल।

🏢 क्या है पूरा मामला?

गाजियाबाद की एक रिहायशी सोसाइटी में देर रात अचानक तेज आवाज सुनाई दी। लोग बाहर निकले तो तीन बहनें नीचे बेसुध पड़ी थीं 😨। सभी को अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

तीनों बहनें नाबालिग थीं और एक ही परिवार से थीं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

📓 डायरी में लिखा – “सब सच है, सब पढ़ना”

पुलिस को कमरे से एक डायरी और सुसाइड नोट मिला जिसमें लिखा था —

“पापा मम्मी, डायरी में जो लिखा है सब पढ़ना, वही मेरी सच्ची ज़िंदगी है।”

डायरी के पन्नों में बार-बार अकेलेपन का जिक्र था 😢। एक जगह लिखा था —

“मेरी ज़िंदगी बहुत अकेली है।”

🖊 दीवार पर आखिरी शब्दों की कहानी

कमरे की दीवार पर भी कुछ पंक्तियां लिखी मिलीं जो किसी का भी दिल तोड़ दें 💔।

इन शब्दों में दर्द, टूटन और अंदर की चुप्पी साफ झलक रही थी।

🎮 कोरियन गेमिंग ऐप का खतरनाक एंगल

जांच में सामने आया कि तीनों बहनें एक कोरियन ऑनलाइन गेमिंग ऐप से जुड़ी हुई थीं।

बताया जा रहा है कि इस ऐप में कुछ टास्क दिए जाते थे — एक के बाद एक 🧩।

पुलिस को शक है कि आखिरी टास्क आत्महत्या से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।

😔 पिता का दर्दनाक बयान

बेटियों के पिता का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि बच्चियां अंदर से इतनी टूट चुकी हैं।

उन्होंने कहा — “अगर पता होता तो उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने देता।” 😭

📱 मोबाइल और चैट्स की जांच जारी

पुलिस अब तीनों के मोबाइल फोन खंगाल रही है।

हर डिजिटल सबूत को जांच में शामिल किया जा रहा है 🔍।

⚠ क्या ऑनलाइन दुनिया बच्चों को निगल रही है?

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि मोबाइल और ऑनलाइन ऐप्स बच्चों पर कितना गहरा असर डाल रहे हैं।

अकेलापन, वर्चुअल दुनिया और भावनात्मक दबाव — ये मिलकर कितना खतरनाक रूप ले सकते हैं 😔।

🧠 मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा सवाल

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में अकेलापन तेजी से बढ़ रहा है।

अगर समय पर बात न की जाए, सुना न जाए, तो हालात जानलेवा बन सकते हैं।

📢 माता-पिता के लिए चेतावनी

यह घटना हर परिवार के लिए सबक है ⚠

💔 एक दर्दनाक अंत, कई सवाल

तीन मासूम जिंदगियां यूं खत्म हो गईं।

पीछे रह गया सन्नाटा, आंसू और यह सवाल —

क्या हम अपने बच्चों की चुप्पी समझ पा रहे हैं?

यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है 🚨।

👉 Read More

ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े खतरों पर हमारी अगली रिपोर्ट जल्द पढ़ें।

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